यमुना किनारे पे नंद का लाला गईयां चरावे,
कान्हा मुरली से मीठी मीठी तान सुनावे….
मुरली को सुन कर के सखिया हो गई रे दीवानी
सुध बुध बोली वो ऐसी होगी रे मस्तानी
राधे ने मुरली से कान्हा कैसा जादू पावे
कान्हा मुरली से मीठी मीठी तान सुनावे….
कान्हा की मुरली की जब से तान पड़ी काननं में
दिल मुरली ले गई रे नींद ना आये रे नैन में
सुन कर के मुरली को सखिया आ गई यमुना किनारे
हो गई सब मत वाली देख कान्हा के नैन कजरारे
वृन्दावन में कान्हा सखियो के संग रास रचावे
कान्हा मुरली से मीठी मीठी तान सुनावे……..
संवारे की मधुवन में बाजे बंसुरिया
मगन बई रे सब सुन के गुजरिया,
चंदा सा चेहरा सुन्दरता निराली
मोती से दांत करी होठो पे लाली,
अरे कजरारे नैना कटीली नजरिया
मगन बई रे सब सुन के गुजरिया,
गरदन सजीली में मन मोहि माला
मस्ती में रूहमें ब्रिज की ये बाला
चाल मत वाली लचकीली कमरिया
मगन बई रे सब सुन के गुजरिया,
चलती कमरिया लेहरावे ये चोटी
काया रंगीली न पतली न मोटी,
सावन में बरसे ये रिमझिम बदरिया
मगन बई रे सब सुन के गुजरिया,
मुरली मनोज ये धुन में जागी
हस के खतना रामेश्वर बुला जी
आना बरसाने हम री नगरिया
मगन बई रे सब सुन के गुजरिया……
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