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हे महादेव मेरी लाज रहे

24हे महादेव मेरी लाज रहे |
मेरी लाज रहे, तेरा राज रहे ||

जहर कंठ में, नाग गले में, आग नयन में,
फिर भी अमृत तुम्ही लुटाते, इस त्रिभुवन में |
आज भगत पर भीड़ पड़ी है, फिर तुम कहाँ विराज रहे ||

नाथ बता दो इस मन्दिर में, विश्वनाथ हो,
आज दिखा दो कोई ना जिसका, उसके साथ हो |
रही गरीबी भगतो की फिर, कैसे गरीब निवाज रहे ||

भेट धरुं क्या, राम भक्त से, रामायण लो,
नारायण की अमर कथा को, नारायण लो |
राम सखा तुम, राम दास मै, कुछ तो नाथ लिहाज रहे ||

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