मन की डोर से तुझे बाँध लूँगा सांवरे
प्रीत का कस के शिकंजा थाम लूँगा संवारे
मन की डोर से तुझे बाँध लूँगा सांवरे
प्रीत का खंजर चला के काट डाला ये जिगर
हो गया मदहोश इतना भूल बेठा हर डगर
अब जरा बच कर दिखाओ मान लूँगा संवारे
मन की डोर से तुझे बाँध लूँगा सांवरे
नजरो ही नजरो में सारी बात मैं कर जाउंगा
पेहले करलू तुम से बाते लौट फिर घर जाऊँगा
क्या लिखा नजरो में तेरी जान लूँगा संवारे
मन की डोर से तुझे बाँध लूँगा सांवरे
चोर हो दिलचस्प कान्हा दिल चुरा के ले गये.
मेरा ये बेचैन दिल अपना बना कर ले गए
अब चुराना पाओगे
पहचान लूँगा संवारे
मन की डोर से तुझे बाँध लूँगा सांवरे
आरजू बस धीर की नजरे जरा दो चार हो
प्रेम के वशीभूत या फिर संवारे तकरार हो
बचना पाओगे मुझसे ठान लूँगा संवारे
मन की डोर से तुझे बाँध लूँगा सांवरे……………
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