मेरे कृष्ण कन्हैया तेरे पडू में पया
अब ना सतावो मेरे साँवरे
कृष्ण कन्हैया मैं तेरे पडू में पया
अब न सतावो मेरे साँवरे
ज्यादा सताके मेरा दिल ना दुःखा ओ
मटकी भी फोड़ी और माखन भी खाओ
तेरे देउ बलिया , मेरी छोड़ दो बया
अच्छा नही हैं ये काम रे
मेरे कृष्ण कन्हैया तेरे पडू में पया
अब ना सतावो मेरे साँवरे.
करते हो काहे कान्हा हमसे बरजोई.
गेल चलत मोरी बया मरोड़ी
यसोदा के छया , दाऊ जी के भया
काहे करे हैं बदनाम रे.
मेरे कृष्ण कन्हैया तेरे पडू में पया
अब ना सतावो मेरे साँवरे …………
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