Breaking News

मेरी उम्मीद का दीपक कभी बुजने नही देना

मेरी उम्मीद का दीपक कभी बुजने नही देना
श्याम जो तुम से पाया है कभी लुटने नही देना

मैं सच की राह पर चल कर जाऊ गी अपनी मंजिल पर,
दया क्या ये कम है ओ घनश्याम प्यारे
जो चरणों में तेरे ठिकाना मिला है
बड़े भाग्यशाली है वो तेरे बंदे जिहने आप से दिल लगाना मिला है
मुरारी मैं रेहमत के सदके तुम्हारी जो चरणों में ये सिर झुकाना मिला है
वो क्या भागे जन्नत की परवाह करेगे जिहने आप का आशियाना मिला है

मैं सच की राह पर चल कर जाऊ गी अपनी मंजिल पर,
झूठ के आगे मेरा सिर कभी झुकने नही देना

मैं जब भी ठोकरे खाऊ सहारा आप का पाऊ,
आसारा इस जहां का मिले न मिले
मुझे तेरा सहारा सदा चाहिए
चाँद तारे फलक पर दिखे न दिखे मुझको तेरा नजारा सदा चाहिए
मेरी धीमी है चाल और पथ है विशाल हर कदम पर मुसीबत है अब तू स्म्बाल

Check Also

bhandara

भंडारे या लंगर का प्रसाद खाना चाहिए

भंडारे या लंगर का प्रसाद खाना या नहीं? धार्मिक स्थलों पर आयोजित भंडारे ने निर्धनों को सहारा देते हैं, लेकिन सक्षम व्यक्ति के लिए सेवा या....