तो ते मिलु कहा घनश्याम मोहे अपना पता बताई दे|
कैसे मैं करू तपस्या सो घेरे खड़ी समस्या
मेरा जीना करे हराम मोहे अपना पता बताई दे|
तो बिन दुःख में तन हारा दुनिया में कौन हमारा
घट में लिखो तिहारो नाम मोहे अपना पता बताई दे|
बस कान्हा ही कान्हा बुलु न्यू बनी वनवारी बोलू
झूठे रिश्ते तजे तमाम मोहे अपना पता बताई दे|
कहू राम चंद मैं तू ते कान्हा कही मिल जाए मुह से
लेके चरण करू परनाम मोहे अपना पता बताई दे|
बरसाने में बजती वधाई रे ब्रिश्भानु की लाली आई रे,
ब्रिश्भानु पिता की रति माता,
दोनों है ख़ुशी मनाई रे ब्रिश्भानु की लाली आई रे,
ससुराज जो कही ओ न नैना सुनु
ससुलिया तो कही कही हारी रे
ब्रिश्भानु की लाली आई रे……..
ये झांस गई ओह न नैना सुनी
ये जेठानिया कई कई हारी रे
ब्रिश्भानु की लाली आई रे……
देवरसो गई का नैना सुनी गोरनिया से कई कई हारी से,
ब्रिश्भानु की लाली आई रे,
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