मुल्ला नसरुद्दीन बहुत ही हाजिर जवाब और चतुर व्यक्ति थे, लेकिन बेचारे अपनी बीवियों से बड़े परेशान रहते थे। मुल्ला नसरुद्दीन की दो बीवी थीं। दोनों अक्सर मुल्ला नसरुद्दीन से पूछती थी कि तुम दोनों में से किसे ज्यादा प्यार करते हो। मुल्ला जी बेचारे कुछ नहीं बोल पाते थे।
एक दिन मुल्ला जी को तरकीब सूझी। उन्होंने अपनी दोनों बीवियों को एक-एक नीला मोती दिया और कहा कि किसी को मत बताना कि ये मोती मैंने तुम्हें दिया है। मुल्ला नसरुद्दीन की दोनों बीवियां मोती देखकर खुश हो गईं।
अब जब भी मुल्ला नसरुद्दीन की बीवी पूछती कि आप किसे ज्यादा प्यार करते हो, तो मुल्ला जी कहते, मैं तो उसे ज्यादा प्यार करता हूं, जिसके पास नीला मोती है। दोनों बीवियां मन ही मन खुश हो जातीं और मुल्ला जी भी अपनी चतुराई पर खूब इठलाते थे।
कहानी से सीख
चतुराई और समझदारी से टेढ़ी से टेढ़ी समस्या का हल भी आसानी से निकाला जा सकता है।
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