नमो नमो विष्णु हरी जी जग के पालनहार है,
सुंदर रूप मनोहर सूरत भगतन के प्रतिपाल है|
माथे मूकटा स्वर्ण का है रूप चतुर भुज आप का,
शंख चकर पदम् के धारी गल वैजयन्ती माल है,
नमो नमो विष्णु हरी जी…
तुमने धुरव प्रहलाद उभारे पापी तुम सब मार दिए,
जब जब धरा संकट में आई आप धरे अवतार है,
नमो नमो विष्णु हरी जी……
मस्त पुरनम बना नर सीमा वानर परशुराम भी
राम चंदर और श्री कृष्ण भी आप के अवतार है
नमो नमो विष्णु हरी जी….
श्रद्धा से हमने श्री हरि यश को गाना है
हरि नाम की महिमा को जग ने माना है
प्रभु नाम की ज्योति से जग उजियारा है
सूरज चंदा तारों में स्वामी तेज तुम्हारा है
स्नेह छाया में उनकी जीवन यह बिताना है
श्रद्धा से हमने श्री हरि यश को गाना है
दुनियां भँवर इक है हरि नाम किनारा है
जीवन नैया का हरि पतवार सहारा है
झूठें है सब रिश्ते अब हमने जाना है
श्रद्धा से हमने श्री हरि यश को गाना है
हरि नाम की महिमा को जग ने माना है
डाली डाली फूलों में कण कण में समाया है
सबमें प्रभु की माया जिसने संसार रचाया है
मन हो पावन उसमें प्रभु को बिठाना है
श्रद्धा से हमने श्री हरि यश को गाना है
हरि नाम की महिमा को जग ने माना है
स्नेह छाया में उनकी जीवन यह बिताना है
हरि नाम की महिमा को जग ने माना है
नमो नमो विष्णु हरी जी….
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