अभी सावन का महीना प्रारम्भ होने वाला है। आपने देखा होगा की सभी मंदिर में जाते हैं और जप करते हैं ॐ नमः शिवाय। यह मंत्र भगवान् शिव का एकाक्षरी बीज मंत्र है और बहुत ही शक्ति प्रदान करने वाला है।
इस मंत्र का यदि हम जाप करते हैं तो शनि राहु केतु कोई भी ग्रह अगर गलत चल रहा है तो इस मंत्र का जाप करने से इन ग्रहों का कोई भी गलत प्रभाव नहीं पड़ता है। लेकिन इस मंत्र का यदि शुद्ध उच्चारण करें तभी हमें फल प्राप्त होता है।
ॐ नमः शिवाय का सही उच्चारण करने के लिए हमें ॐ को थोड़ा लम्बा खींचना है और म में ह का उच्चारण आना चाहिए। इस प्रकार से अगर हम इसका जप करते हैं तभी हमें इसकी शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। लेकिन हम जप करते समय म में स का उच्चारण कर देते हैं जिससे उस अर्थ का अनर्थ हो जाता है।
इस प्रकार शुद्ध रूप से चाहे आप एक बार ही क्यों न बोलें तब भी आपको उसका पूरा पूरा फल प्राप्त होगा। अशुद्ध रूप से नाम का जप चाहे हम हज़ार बार ही क्यों न करें तब भी हमें उसका फल प्राप्त नहीं होता है।
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
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