रंग रंगीला छैल छबीला,
सांवरी सुरतिया वाला वो है नंद लाला
मीरा जिसके नाम पर पी गई ,
राणा के विश का प्याला वो है नंद लाला
मोर मुकुट जिसका शीश सजाये,मुरली जिनके अधरों पे साजे
पीतांबरी वो रुप बनाये ,गले में माल लहराए वो है नंद लाला
गागरिया को फोड़े वो माखन चुराये गोपियों के संग रास रचाए
उसके काले नैनो सब पर जादू डाला वो है नंद लाला
मीरा के हैं नट नागर ,राधा के श्याम हैं गवालो के कन्हा भक्तों नाथ हैं
जब जबभक्तों ने पुकारा आकर दिया सहारा वो है नंद लाला………….
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