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सांवली तेरी सूरत पे मोहन


सांवली तेरी सूरत को मोहन, देख मीरा दीवानी हुई है
तुझको पाकर मेरे प्यारे मोहन, रुकमणी भी दीवानी हुई है
सांवली तेरी सूरत……

काल कोठी में जन्मा तू मोहन, रात काली की काली वही है
तेरी किलकारी सुनकर है कान्हा, तेरी मैया भी न्यारी हुई है
सांवली तेरी सूरत …..

तेरी सिर पर मुकुट सज रहा है, तन पे पीताम्बरी जच रहा है
माथे चंदन का टीका लगा है, मुख पे लाली रचाये हुए हैं
सांवली तेरी सूरत…..

तेरे नैनो की क्या बात मोहन, मोटे मोटे कटीले कटीले
तेरी एक मुस्कुराहट पे मोहन, गोपियाँ भी दीवानी हुई है
सांवली तेरी सूरत ….

कान कुंडल बड़े सज रहे है,मेरे कान्हा अलग लग रहे हैं
तेरी मुरली को सुनकर हे कान्हा, सारी दुनिया दिवानी हुई है
सांवली तेरी सूरत …..

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