Breaking News

शंकर मेरे कब होंगे दर्शन तेरे

23

ओ शंकर मेरे कब होंगे दर्शन तेरे |
जीवन पथ पर, शाम सवेरे छाए है घनघोर अँधेरे ||

मै मूरख तू अंतरयामी,
मै Servant तू मेरा स्वामी |
काहे मुझ से नाता तोडा,
मन छोड़ा, मन्दिर भी छोड़ा,
कितनी दूर लगाये तूने जा कैलाश पे डेरे ||

तेरे द्वार पे जोत जगाते,
युग बीते तेरे गुण गाते |
ना मांगू मैं हीरे मोती,
मांगू बस थोड़ी सी ज्योति |
खली हाथ ना जाऊंगा मैं,
दाता द्वार से तेरे ||

Check Also

nastik

एक नास्तिक की भक्ति

इस कहानी में हरिराम नामक आदमी के बदलते दृष्टिकोण और उसकी नास्तिकता से बच्चे को दवा देने की भरपूर भावना को दर्शाया गया है।.........