श्याम मेरी चुनर पे रंग मत डाल,
विनती करूं पैया पडु तोरे बार-बार,
भर पिचकारी कान्हा सन्मुख ना मारो,
अबीर गुलाल मेरे मुख पे ना डारो,
आज आई आई करके मैं सोलह श्रृंगार,
विनती करूं पैया पडु….
बीच बजरिया ना रोको मुरारी,
जाने दो श्याम मत आवो अगाड़ी,
पकड़ो ना बहिया जी पराई हू नार,
विनती करूं पैया पडु…
संग सहेली सब हांसी करेगी,
सास ननंद की मोहे डांट पड़ेगी,
झगडेंगे सैया जी घर पे हमार,
विनती करूं पैया पडु….
मंत्री कहे विनती अब सुन लो हमारी,
भक्त दयाल रहे शरण तुम्हारी,
श्याम तेरे चरणों में जाऊं बलिहार,
विनती करूं पैया पडु …
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