Breaking News

श्यामल छवि सुख धाम को


श्यामल छवि सुख धाम को,
श्यामल छवि सुखधाम को,
भज रे मन, तू भज रे मन,
श्री राधे राधे श्याम को।

मोहक सरल मनोहर है वो,
शीतल धवल सरोवर है,
दर्शन कर ले कमल नयन के,
बन पंकज बृज धाम को
भज रे मन, तू भज रे मन,
श्री राधे राधे श्याम को।

यशोदा कंत नन्द के नंदन,
जय गोपालक जय यदु नंदन,
कुंज गलिन के कुञ्ज बिहारी,
सुख सागर सुख धाम को,
भज रे मन, तू भज रे मन,
श्री राधे राधे श्याम को।

जय मनमोहन जय गिरधारी,
जय मुरली धर कृष्ण मुरारी,
जय जय जय श्री नटवर नागर,
सकल मनोरथ नाम को
भज रे मन, तू भज रे मन,
श्री राधे राधे श्याम को||

Check Also

garud-puran

आत्मा की यात्रा

मृत्यु के बाद आत्मा के यात्रा के बारे में गहराई से जानें और कर्मों के परिणामों को समझें गरूड़ पुराण में। जानें कैसे इस प्राचीन ग्रंथ में आत्मा