वीणा वादिनि विमल वाणी दे ,वीणा वादिनि विमल वाणीदे, विद्या दायिनि वन्दन ॥जय विद्या दायिनि वन्दन , अरुण लोक से वरुण लहर तक गुंजारित तव वाणी ॥ब्रह्मा विेष्णु रूद्र इन्द्रदिक, करते सब अभिनन्दन ,जय विद्या दायिनि वन्दन ॥ तेरा भव्य भण्डार भारती, है अद्भुत गतिवारा ,ज्यों खर्चे त्यों बढे निरन्तर, है सबका अवलम्बन ॥जय विद्या दायिनि वन्दन , नत मस्तक …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…