गहरी नदी है, तेज़ है धारा l रात अँधेरी, दूर किनारा ll माँझी बनकर, करके तूँ ही तो, सबको पार उतारे,,, आजा हारे के सहारे
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गहरी नदी है, तेज़ है धारा l रात अँधेरी, दूर किनारा ll माँझी बनकर, करके तूँ ही तो, सबको पार उतारे,,, आजा हारे के सहारे
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wish4me Your wish may come true today…