आओ कन्हिया थोडी बाते करेंगेकुछ तेरी सुनेंगे कुछ अपनी कहेंगे जन्मों से जन्म लेकर श्याम, ये नेंन बरसते हैदर्शन बिन व्याकुल नेंन, मेरे दिन-रैन तरसते हैआओगे कन्हिया तो ये और ना बहेंगेकुछ तेरी सुनेंगे , कुछ अपनी कहेंगे सूनी-सूनी बगिया ,श्याम सूना घर आंगन है..तुम आओगे घनश्याम , जैसे कोई आया सावन है..आओ तो कन्हिया रूखे फूल भी खिलेंगेकुछ तेरी …
Read More »Tag Archives: कन्हैया
माखन लेने की अनोखी रीति
एक दिन दही मथकर माखन निकाल रहीं थीं। अचानक मां को आनन्द देने के लिए बलराम और श्याम उनके निकट पहुंच गए। कन्हैया ने मां की चोटी पकड़ ली और बलराम ने मोतियों की माला- दोनों मां को अपनी तरफ खींचने का प्रयास करने लगे। बलराम कहते थे, मां तुम पहले मेरी सुनों! और कन्हैया कहते थे कि नहीं, मां …
Read More »चांद- खिलौना
एक दिन की बात है। यशोदा मैया गोपिओं के साथ कान्हा की बाल-सुलभ लीलाओं की चर्चा कर रही थीं। खेलते-खेलते अचानक कन्हैया की दृष्टि चन्द्रमा पर पड़ी। उन्होंने पीछे से आकर यशोदा मैया का घूंघट उतार लिया। अपने कोमल करों से उनकी चोटी पकड़ कर खींचने लगे और बार-बार पीठ थपथपाने लगे। श्रीकृष्ण बोले मां! मैं लूंगा। जब मैया के …
Read More »अर्रे पाकड़ो री ब्रज नार कन्हैया
होली खेलन आयो है अर्रे पाकड़ो री ब्रज नार कन्हैया होली खेलन आयो है होली खेलन आयो है होली खेलन आयो है अर्रे पाकड़ो अर्रे पाकड़ो अर्रे पाकड़ो अर्रे पाकड़ो अर्रे पाकड़ो री ब्रज नार कन्हैया होली खेलन आयो है अर्रे पाकड़ो री ब्रज नार कन्हैया होली खेलन आयो है अर्रे पाकड़ो री ब्रज नार संग मे है उत्पाती ग्वाल …
Read More »राम रमैया कृष्णा कन्हैया..
राम रमैया कृष्णा कन्हैया.. भाजले राम रमैया, कृष्णा कन्हैया, भाजले राम रमैया, भाजले कृष्णा कन्हैया. पार लगे तेरी नैया. ||1|| जो अंजाने रास्ते यहा के, तुझको बुलाने वेल भूल भी जाए तू अगर रास्ता तो है राम बेताने वाले भाजले कृष्णा कन्हैया, राम सुमीर मेरे भैया ||2|| एक तुम्हारे राम सहारे, यह जीवन की डोरी तू चाहे तो पार …
Read More »नैया ले चल पार्ली पर
नैया ले चल पार्ली पर कन्हैया ले चल पार्ली पर नैया ले चल पार्ली पर कन्हैया ले चल पार्ली पर नैया ले चल पार्ली पर कन्हैया ले चल पार्ली पर नैया ले चल पार्ली पर कन्हैया ले चल पार्ली पर जहा विराजे राधा रानी जहा विराजे महारानी अलबेली सरकार हो नैया ले चल पार्ली पर कन्हैयाले चल पार्ली पर गुण …
Read More »माखन लेने की अनोखी रीति
एक दिन माता यशोदा दही मथकर माखन निकाल रहीं थीं। अचानक मां को आनन्द देने के लिए बलराम और श्याम उनके निकट पहुंच गए। कन्हैया ने मां की चोटी पकड़ ली और बलराम ने मोतियों की माला- दोनों मां को अपनी तरफ खींचने का प्रयास करने लगे। बलराम कहते थे, मां तुम पहले मेरी सुनों! और कन्हैया कहते थे कि …
Read More »कन्हैया की दृष्टि चन्द्रमा पर पड़ी
एक दिन की बात है। यशोदा मैया गोपिओं के साथ कान्हा की बाल-सुलभ लीलाओं की चर्चा कर रही थीं। खेलते-खेलते अचानक कन्हैया की दृष्टि चन्द्रमा पर पड़ी। उन्होंने पीछे से आकर यशोदा मैया का घूंघट उतार लिया। अपने कोमल करों से उनकी चोटी पकड़ कर खींचने लगे और बार-बार पीठ थपथपाने लगे। श्रीकृष्ण बोले मां! मैं लूंगा। जब मैया के …
Read More »नन्द बाबाजी को छैया
वाको नाम है कन्हैया, वाको नाम है कन्हैया, श्याम, alt (कन्हैया रे, आ जा रे, आ जा रे ) नन्द बाबाजी को छैया, वाको नाम है कन्हैया. कन्हैया कन्हैया रे .. बड़ो गेंद को खिलैया, आयो आयो रे कन्हैया . कन्हैया कन्हैया रे .. काहे की गेंद है, काहे का बल्ला, गेंद में काहे का लागा है छल्ला, काहे की गेंद है, …
Read More »सांवरो कन्हैया मोरे मन में बसो रे
सांवरो कन्हैया मोरे मन में बसो रे मुरली बजाने वारो मन में बसो रे मन में बसो रे कान्हा तन में बसो रे कारो कन्हैया मेरो मन में बसो रे अरे तिरछी नजरिया वारो मन में बसो रे माखन चुराने वारो मन में बसो रे जमुना किनारे वो तो मुरली बजाये गोपियन संग वो तो रास रचाए मीठी मीठी तान …
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