दोहा: पूजा जप ताप मैं नहीं जानू, मै नहीं जानू आरती | राम रतन धन पाकर के मै प्रभु का नाम पुकारती || कलिओं मे राम मेरा, किरणों मे राम है | धरती गगन मे मेरे प्रभु का धाम है || कहाँ नहीं राम है … प्रभु ही की धूप छाया, प्रभु की ही चांदनी | लहरों की वीना मे …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…