चर्ण पखारे बिना जाने नहीं दूँगी विनती करू गी पहिया पडू गी विरहा की आग में अब न जलुगी हाथ जोड़ कर बस यही कहुगी चर्ण पखारे बिना जाने नहीं दूँगी
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चर्ण पखारे बिना जाने नहीं दूँगी विनती करू गी पहिया पडू गी विरहा की आग में अब न जलुगी हाथ जोड़ कर बस यही कहुगी चर्ण पखारे बिना जाने नहीं दूँगी
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