बरसाने में बजती वधाई रे ब्रिश्भानु की लाली आई रे, ब्रिश्भानु पिता की रति माता,दोनों है ख़ुशी मनाई रे ब्रिश्भानु की लाली आई रे….. ससुराज जो कही ओ न नैना सुनुससुलिया तो कही कही हारी रेब्रिश्भानु की लाली आई रे…….. ये झांस गई ओह न नैना सुनीये जेठानिया कई कई हारी रेब्रिश्भानु की लाली आई रे…… देवरसो गई का नैना …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…