थारो राम बिलखै थारी बाट निरखै भाई लाडलो जमीन ऊपर सोय रयो बाला ल्या दे रे संजीवन,मनड़ो रोय रयो नाही कोई दिन देख्यो देखि नाही रात नै बन बन सागे डोल्यो आंधी बरसात में म्हारे कालजे रो कोर सुध खोय रयो बाला ल्या दे रे संजीवन,मनड़ो रोय रयो रघुकुल री आन ताईं लड़यो मेघनाथ स्यूं जुल्मी ने शक्ति मारी धोके …
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हनुमान चालीसा
दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ।। बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार । बल बुधि बिद्या देहु मोहि, हरहु कलेस विकार ।। चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ।। राम दूत अतुलित बल धामा । अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा ।। महाबीर बिक्रम बजरंगी …
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