हँसा के क्यों रुलाए रे रुलाए रै कन्हैयाँ,ठाकुर मेरे, ओ ठाकुर मेरे,ठाकुर मेरे, ओ ठाकुर मेरे…. रोके रुके ना आँख के आँसू,उमड़ उमड़ ये बरसे रै,तुझ बिन कौन सुनेगा मेरी,जाऊं कहाँ तेरे दर से रे,रुठ गई क्यों मुझसे बहारें,बता दे रे कन्हैयाँ,ठाकुर मेरे, ओ ठाकुर मेरे,ठाकुर मेरे, ओ ठाकुर मेरे…. फूल खिलाकर ख़ुशियों के ये,ये क्या हुआ मुख मोड़ लिया,हाथ …
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