इसमे बहेती है अमर्टधारा अमर्टधारा, अमर्टधारा… कितने जन्मों से प्यासा तू कभी संभला और कभी गिरा तू गुरु वाणी ने तुजको पुकारा इसमे बहेती है… छोड़ अहम को जा तू शरण में दल दुखों की गटरी चरण में इन चरनो ने सबको है तारा इनमें बहेती है… ज़हर तेरा वो पीले क्षण में प्रलय हो जाए कर्मों के पल में …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…