बही भक्ति की गंगा-यमुना, श्रद्धाओं के दीप जलाये। देखो फिर नवरात्रे आये। कोई माँ का भवन बुहारे, कोई तोरणद्वार सँवारे, यज्ञ-हवन में लगे सभी ही, लगा रहे माँ के जयकारे। भोग लगाता कोई माँ को, कोई चुनरी लाल चढ़ाये, देखो फिर नवरात्रे आये। अम्बर कितना चमक रहा है, मातामय हो दमक रहा है, मेघों का पानी भी जैसे, अमृत बनके …
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मन की आखों से मै देखूँ रूप सदा सियाराम का
दोहा : किस काम के यह हीरे मोती, जिस मे ना दिखे मेरे राम | राम नहीं तो मेरे लिए है व्यर्थ स्वर्ग का धाम || मन की आखों से मै देखूँ रूप सदा सियाराम का | कभी ना सूना ना रहता आसन मेरे मन के धाम का || राम चरण की धुल मिले तो तर जाये संसारी | दो …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…