आरती कुँज बिहारी कीश्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की .. गले में वैजन्ती माला, मालाबजावे मुरली मधुर बाला, बालाश्रवण में कुण्डल झलकाला, झलकालानन्द के नन्द,श्री आनन्द कन्द,मोहन बॄज चन्दराधिका रमण बिहारी कीश्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की .. गगन सम अंग कान्ति काली, कालीराधिका चमक रही आली, आलीलसन में ठाड़े वनमाली, वनमालीभ्रमर सी अलक,कस्तूरी तिलक,चन्द्र सी झलकललित छवि श्यामा प्यारी कीश्री गिरिधर …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…