एक रेस्टोरेंट में कई बार देखा गया कि, एक व्यक्ति (भिखारी) आता है और भीड़ का लाभ उठाकर नाश्ता कर चुपके से बिना पैसे, दिए निकल जाता है। एक दिन जब वह खा रहा था तो एक आदमी ने चुपके से दुकान के मालिक को बताया कि यह भाई भीड़ का लाभ उठाएगा और बिना बिल चुकाए निकल जाएगा।उसकी बात …
Read More »Tag Archives: bhagya
jan gan mann adhinaayak jay hai, bhaarat bhagya vidhaata
राष्ट्रीय गीत जन गण मन अधिनायक जय हो भारत भाग्य विधाता पुंजाब सिंध गुजरात मराठा द्रविड़ उत्कल बंग विंध्य हिमांचल जमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग तब शुभ नामे जागे तब शुभ आशिष मांगे गाये तब जय गाठा जन गण मंगल दायक जय हे भारत भाग्य विधाता जय हे जय हे जय हे जय जय जय जय हे Raashtreey geet jan …
Read More »
wish4me Your wish may come true today…