वैशाख की पूरे चाँद की रात थी जब बोध गया में एक पेड़ के नीचे ध्यान लगा के बैठे सिद्धार्थ ने परम को जाना। महज़ 35 साल की उम्र में वे बुद्ध बन गए। यह घटना ईसा के 528 साल पहले की बताई जाती है। महात्मा बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद 4 सप्ताह तक बोधिवृक्ष (जिस वृक्ष के नीचे …
Read More »Tag Archives: bodh
योग – वियोग
जिसके साथ हमारा संबंध है नहीं, हुआ नहीं, होगा नहीं और होना संभव ही नहीं, ऐसे दु:खस्वरूप संसार – शरीर के साथ संबंध मान लिया, यहीं ‘दु:खसंयोग’ है । यह दु:खसंयोग ‘योग’ नहीं है । अगर यह योग होता अर्थात् संसार के साथ हमारा नित्य – संबंध होता, तो इस दु:खसंयोग का कभी वियोग (संबंध – विच्छेद) नहीं होता । …
Read More »शिक्षाप्रदकहानियां- बुरे समय में खुद को रखे शांत !
शाम का समय था। महात्मा बुद्ध एक शिला पर बैठे हुए थे। वह डूबते सूर्य को एकटक देख रहे थे। तभी उनका शिष्य आया और गुस्से में बोला, “गुरुजी” “रामजी” नाम के जमींदार ने मेरा अपमान किया है। आप तुरंत चलें, उसे उसकी मूर्खता का सबक सिखाना होगा। महात्मा बुद्ध मुस्कुराकर बोले, प्रिय तुम बौद्ध हो, सच्चे बौद्ध का अपमान …
Read More »
wish4me Your wish may come true today…