किसी गांव के किनारे एक मंदिर था, मंदिर में एक साधु रहता था। गांव में एक चोर भी रहता था। चोर खाते पीते घर का बेटा था। चोर हो गया तो जिंदगी भी चोर की ही घसीटनी पड़ रही थी। किसी ने उसकी शादी नहीं की। चोर अपने ही गांव में हाथ मारता था, लोग उसे कबाड़ी चोर कहते थे। …
Read More »Tag Archives: chor
दिल कड़या ते पता भी ना लगाया
श्याम दियाँ चोर अँखियाँ चोर अँखियाँ वे चोर अँखियाँ चोर अँखियाँ वे चोर अँखियाँ दिल कड़या ते पता भी ना लगाया श्याम दियाँ चोर अँखियाँ चोरी चोरी घर मेरे आके श्यामा माखन ले गया मेरा चुरा के प्यारा माखन ले गया मेरा चुरा के जड़ो कड़या ते पता वी ना लगाया श्याम दियाँ चोर अँखियाँ दिल कड़या ते पता भी …
Read More »
पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…