एक राजा थे। उनके दरबार में एक विदूषक था। वह बहुत चालाक था वह न सिर्फ अच्छे-अच्छे चुटकुले सुनाता था, बल्कि शासन के कार्यों में भी राजा की सहायता करता था। वह विदूषक कई बार तो राजा के ऊपर ही किस्से बनाकर सुना देता था। एक दिन राजा को उसकी किसी बात से अपना अपमान महसूस हुआ। वे क्रोधित होते …
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जैसी करनी वैसी भरनी !!
एक बूढ़ा सन्यासी था। अपने जीवन-यापन के लिए वह प्रतिदिन पास के गाँव में जाकर भिक्षा माँगता था। यद्यपि वह भिक्षा माँगकर पेट भरता था, परन्तु फिर भी अपना भोजन जरूरतमंदों के साथ अवश्य बाँटता था। एक दिन वह एक वृद्धा के घर भिक्षा माँगने के लिए गया। उसने भिक्षा माँगी तो उस वृद्धा ने भोजन न होने का बहाना …
Read More »हठ का परिणाम !!
एक ब्राह्मण था। उसके पास सब कुछ था, बस कमी थी तो एक पुत्र की। इसलिए वह सभी सुख-सुविधाएँ होने के बावजूद भी दुखी रहता था। उसने पुत्र-प्राप्ति के लिए भगवान से कई बार प्रार्थना की। यहाँ तक कि उसने घर छोड़ दिया और हिमालय पर जाकर कई वर्षों तक तपस्या की। भगवान उसकी तपस्या से प्रसन्न हुए और बोले, …
Read More »तीन दोस्त !!
एक बार तीन दोस्त कहीं जा रहे थे रास्ते में उन्होंने एक होटल देखा। उन्होंने उसे खरीदकर एक नया व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। वे होटल के बाहर उसे खरीदने को लेकर आपस में सलाह-मशवरा करने लगे। तभी एक व्यक्ति उनके पास आया और बोला, “मैं इस होटल का मालिक हूँ। मैंने सुना है कि तुम लोग मेरे होटल …
Read More »मोनू की याददाश्त !!
एक दिन मोनू बीमार पड़ गया। डॉक्टर ने उसे खिचड़ी खाने की सलाह दी। मोनू की याददाश्त बहुत कमजोर थी, इसलिए वह घर जाते हुए रास्ते में ‘खिचड़ी-खिचड़ी’ बोलता हुआ जा रहा था। शीघ्र ही वह खिचड़ी शब्द भूल गया और ‘खा चिड़ी, खा चिड़ी’ बोलने लगा। जब वह एक खेत से होकर गुजर रहा था, तो खेत के मालिक …
Read More »पाँच मूर्ख मित्र !!
एक बार पाँच मूर्ख मित्र एक गाँव जा रहे थे। रास्ते में पड़ने वाली नदी को उन सभी ने तैरकर पार किया। जब वे नदी के दूसरे किनारे पहुंचे तो उनमें से एक मित्र बोला, “दोस्तो, हमें गिनकर देख लेना चाहिए कि हम सभी पूरे तो हैं। कहीं ऐसा न हो कि हम में से कोई नदी में डूब गया …
Read More »भगवान बड़ा दयालु है !!
एक राजा का बहुत बड़ा फलों का बगीचा था। जिसमें विभिन्न प्रकार के फलों के पेड़ लगे हुए थे। माली रोज विभिन्न पेड़ों के सभी पके हए फलों को एकत्र कर राजा को भेंट करता था। एक दिन माली ने कुछ चेरियाँ एकत्र की और उन्हें राजा के लिए ले गया। उस दिन राजा का मिजाज बहुत खराब था। उसने …
Read More »चींटी की सूझ-बूझ !!
गर्मियों के दिन थे। लोग गर्मी से बचने के लिए अपने घरों में दुबके बैठे थे। पक्षियों ने घने पेड़ों पर शरण ली हुई थी। टिड्डा भी झाड़ियों के बीच छिपा बैठा था, पर एक चींटी गर्म दोपहरी में भी अपने लिए भोजन इकट्ठा कर रही थी। टिड्डा चींटी का मजाक उड़ाते हुए बोला, “इतनी तेज धूप में भी तुम …
Read More »मूर्ख कौआ
एक पेड़ पर एक कौआ रहता था। उसे अपने काले पंख जरा भी अच्छे नहीं लगते थे। वह जब मोरों के सुंदर पंख देखता तो उसे अपने आप से नफरत होने लगती। वह सोचता, ‘काश, मैं भी इनकी तरह सुंदर होता।’ एक दिन उसे जंगल में कुछ मोरपंख बिखरे दिखाई दिए। उसने उन पंखों को उठाकर अपने पंखों के ऊपर …
Read More »लालची चरवाहा !!
एक दिन एक चरवाहा अपनी बकरियों को लेकर पास के जंगल में चराने गया । अचानक तेज बारिश होने लगी और वह अपनी बकरियों को हाँककर पास की एक गुफा में ले गया। चरवाहे ने जब देखा कि वहाँ पहले से कुछ जंगली बकरियाँ शरण लिये हुए हैं तो वह बहुत खुश हुआ। उसने सोचा, ‘इन बकरियों को भी अपनी …
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