भोरिया नगर में एक व्यापारी का परिवार रहता था। उस परिवार में दो भाई रहते थे। सौरभ बड़ा भाई और शुभम छोटा भाई था, जिसमें सौरभ की शादी हो चुकी थी। सौरभ की पत्नी अपूर्वा में एक बुरी आदत यह थी कि वह घर की हर बात अपने पड़ोसियों को बता दिया करती थी। इस बात को लेकर सौरभ बहुत …
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परिश्रम का संस्कार !!
एक बार कुछ किसान फसल बोने की तैयारी हेतु खेत की जुताई करने गए। जुताई शुरू करने के पहले ही आकाश में चारों ओर काले बादल छा गए। किसानों ने खेतों में हल चलाना प्रारम्भ ही किया था कि बादलों ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा- “ए किसानों, हल चलाना बंद करो और अपने अपने घरों को वापस लौट …
Read More »अलसी होने का नतीजा!!
उत्कर्ष बडा ही आलसी लड़का था। वह पढ़ाई में बहुत कमजोर था और अक्सर परीक्षा में फेल हो जाया करता था। अपनी मां से झूठ बोल कर वह पैसे ले लिया करता और मित्रों के साथ घूमता। एक दिन स्कूल छूटने के बाद उत्कर्ष शाम के समय घूमने निकला। उसने सोचा कि पहले में चलकर नाश्ता कर लिया जाए। वह …
Read More »स्कूल की दोस्ती!!
नरेंद्र बिहार के एक छोटे से गांव के सर्वोदय विद्यालय में पढता था। दरअसल नरेंद्र का परिवार दिल्ली शहर का था, क्यों की नरेंद्र के पिता भारतीय सेना में थे इसलिए दो साल पहले ही उसके पिताजी का उस गांव में बदली हुई थी। नरेंद्र पढ़ाई और खेल में बहुत अच्छा था, इसलिए वह उस गांव के विद्यालय में बहुत …
Read More »कर भला तो हो भला !!
बहुत समय पहले अमेरिका, यूरोप और मध्य एशिया के देशों में गुलामी की प्रथा थी। गुलामों के साथ बहुत ही बुरा व्यवहार किया जाता था। एथेंस शहर में एक बहुत धनी जमींदार रहता था। उसके यहां बहुत से गुलाम थे। लेकिन वह गुलामों से बहुत क्रूरता से पेश आता था। उन्हें ठीक से भोजन भी नहीं देता था। इसके अलावा …
Read More »बुजुर्गों का महत्व!!
बहुत पुरानी बात है। सुंदरगढ़ नामक एक राज्य था। जिसका राजा सुमंत बहुत धनलोलुप था।वह हमेशा यही विचार किया करता था कि किस प्रकार उसका राज्य सबसे धनवान बने।इसके लिए वह नए नए तरीके सोचा करता था। नए नए नियम लागू करता रहता था। उसकी प्रजा भी उससे परेशान रहती थी। एक दिन उसने सोचा कि ये बुजुर्ग लोग उसके …
Read More »प्रतिभा की पहचान!!
यूनान के थ्रेस शहर में एक गरीब लड़का था। जो लकड़ियां बेच कर अपना पेट पालता था। वह प्रतिदिन जंगल से लकड़ियां काट कर लाता। उनका गठ्ठर बनाता, फिर उन्हें बाजार लेकर जाता। वहां गठ्ठर बेचकर जो भी मिलता उससे वह अपना पेट पालता। लड़के की खूबी यह थी कि वह जो भी काम करता बहुत लगन और एकाग्रता से …
Read More »खुशियां बांटो, खुश रहो!!
एक नगर में एक सेठ रहता था। वह बहुत कंजूस था। धन के प्रति उसका मोह इतना अधिक था कि वह एक पैसा भी खर्च नहीं करना चाहता था। प्रचुर मात्रा में धन होते हुए भी वह निर्धनों की तरह जीवन व्यतीत करता था। उसका परिवार भी उसकी कंजूसी की आदत से दुखी रहता था। घर में सब कुछ होते …
Read More »गरीबों की मदद
पुराने समय की बात है। यूनान के किसी गांव में तीन भाई रहते थे। तीनों बहुत महत्वाकांक्षी थे। गांव में आय के साधन सीमित थे। उनके पास थोड़ी सी खेती थी। जिससे वे अपना जीवन यापन करते थे। किंतु तीनों भाई वैभवशाली और समृद्ध जीवन जीना चाहते थे। इसलिए उन्होंने एथेंस शहर जाकर कुछ बड़ा काम करने का निश्चय किया। …
Read More »बुद्धू मोहनदास (गांधीजी)
मोहनदास की उम्र उस समय तेरह वर्ष थी। वे राजकोट के अल्फ्रेड हाई स्कूल में पहले साल के छात्र थे। एक दिन शिक्षा विभाग के इंस्पेक्टर स्कूल में निरीक्षण के लिए आये। उन्होंने छात्रों को अंग्रेजी में पांच शब्द लिखने को दिए। उनमें से एक शब्द था ‘केटल’। जिसकी स्पेलिंग मोहनदास ने गलत लिखी थी। अध्यापक ने देखा तो उन्होंने …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…