गोकुल वही है, मधुबन वही है यशोधा की आंकोंका तारा नही है…… नचाएगा आब कौन रास रचाकर डिकाएगा आब कौन ज्योति जलाकर जगाएगा आब कौन मुरली भाजकर नंद भवन का उज्जला नही है……. ना वो…. चाँदनी मे निराली चटा है ना वो बदकारके आती हाई…. हू यमुना मे ऐसी, तरंगे नही है बहकता हुवा वो किनारा नही है….. [To English …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…