कभी फ़ुर्सत हो धनवानों से,तो श्याम मेरे घर आ जाना,इस निर्धन की कुटिया में,एक शाम ओ श्याम बिता जाना,कभी फ़ुरसत हो धनवानों से,तो श्याम मेरे घर आ जाना। मैं निर्धन हूँ मेरे पास प्रभु,चूरमा मेवा ना मिठाई है,सोने के सिंघासन है तेरे,मेरे घर धरती की चटाई है,यहीं बैठके लख दातार मुझे,तुम अपनी कथा सुना जाना,कभी फ़ुर्सत हो धनवानों से,तो श्याम …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…