कान्हा कान्हा आन पड़ी मैं तेरे द्वार,मोहे चाकर समज निहारकान्हा कान्हा आन पड़ी मैं तेरे द्वार, तू जिसे चाहे वैसी नही मैंहां तेरी राधा जैसी नही मैंफिर भी हु कैसी कैसी नही मैंकृष्णा मोहे देख ले इक बारकान्हा कान्हा आन पड़ी मैं तेरे द्वार, बूंद ही बूंद मैं प्यार की चुन करप्यासी रही परलाई हु गिरधरटूट ही जाए आस की …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…