काया नही रे सुहाणी भजन बिनबिना लोण से दाल आलोणी भजन बिन गर्भवास म्हारी भक्ति क भूली नबाहर हूई न भूलाणीमोह माया म नर लिपट गयोसोयो तो भूमि बिराणी भजन बिन हाड़ मास को बणीयो रे पिंजरोउपर चम लिपटाणीहाथ पाव मुख मस्तक धरीयाँआन उत्तम दीरे निसाणी भजन बिन भाई बंधु और कुंटूंब कबिलाइनका ही सच्चा जायराम नाम की कदर नी …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…