ठंडाई की ग्लाससा, में तोह गट गट गटथास्य ,भजन की मेला में तोह हाँ चुप , थारी म्हारी गास्याी| पिचकारी की धारियां, भीझे म्हांकी साड़ियांकहूं नंदकिशोर है म्हारो , मत कर तू बदमाशियां| सज धज कर में आवा रंग अबीर गुलाल उड़वाथारे संग में होली खेला काल मिलला दुबारा| ऐसो रंग चढस्या पूरा साल नहीं में उतारानाच गाय कर होली …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…