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Tag Archives: Moral story in Hindi

तेनालीराम और राजगुरू की चाल कहानी!!

तेनालीराम जब बड़े हुए, तो उनकी बुद्धिमानी के चर्चे पूरे गाँव में होने लगे। गाँव में जब भी कोई किसी समस्या में पड़ता, तो तेनालीराम के पास उसके समाधान हेतु चला आता। तेनालीराम भी अपनी बुद्धिमत्ता के बल पर चुटकी बजाते ही समस्या का समाधान कर देते।  तेनालीराम बुद्धिमान तो थे ही, साथ ही एक श्रेष्ठ कवि भी थे और …

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तेनालीराम की कहानी : महाराज की खांसी!!

सर्दियों का मौसम था. मौसम की मार  विजयनगर की प्रजा जुकाम के रूप में झेल रही थी।राजा कृष्णदेव राय भी इससे बच न सके और उन्हें भी जुकाम हो गया। नाक बहने के साथ-साथ खांसी से भी उनका बुरा हाल था। राज वैद्य बुलाये गये। राज वैद्य ने महाराज को औषधि दी और परहेज़ करने का परामर्श दिया। अचार, दही …

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दो सिर वाला पक्षी!!

एक वन में भारंड नामक पक्षी रहता था। उसकी आकृति विचित्र थी, उसका शरीर तो एक था, किंतु सिर दो थे। उन दोनों सिरों की आपस में नहीं बनती थी। समय-समय पर उनमें टकराव होता रहता था। एक दिन वन में भटकते हुए पक्षी के दांये मुख को एक रसीला फल प्राप्त हुआ। उसने लपककर फ़ल को पकड़ लिया और …

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तेनाली रामा की कहानी: नली का कमाल!!

एक बार राजा कृष्णदेव राय अपने दरबारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। चर्चा करते-करते अचानक बात चतुराई पर होने लगी। महाराज कृष्णदेव राय के दरबार में राजगुरु से लेकर कई अन्य दरबारी तेनालीराम से जलते थे। ऐसे में, तेनालीराम को नीचा दिखाने के लिए एक मंत्री दरबार में बोल पड़ा कि, “महाराज! दरबार में एक से बढ़कर एक बुद्धिमान …

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तेनाली रामा की कहानियां: शिल्पी की अद्‌भुत मांग!!

विजयनगर के महाराज कृष्णदेव हर बार तेनालीराम की सूझबूझ से दंग रह जाते थे। इस बार भी तेनालीराम ने महाराज को हैरान कर दिया। दरअसल, एक बार महाराज कृष्णदेव पड़ोस के राज्य पर जीत हासिल करके विजयनगर लौटे और उन्होंने उत्सव मनाने की घोषणा कर दी। पूरे नगर को ऐसे सजाया गया जैसे कोई बड़ा त्योहार हो। अपनी इस जीत …

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तेनाली रामा की कहानियां: सुनहरा पौधा!!

तेनालीराम हर बार अपने दिमाग का इस्तेमाल करके ऐसा कुछ करते थे कि विजय नगर के महाराज कृष्णदेव दंग रह जाते थे। इस बार उन्होंने एक तरकीब से राजा को अपने फैसले पर दोबारा विचार करने को मजबूर कर दिया। हुआ यूं कि एक बार राजा कृष्णदेव किसी काम के चलते कश्मीर चले गए। वहां उन्हें एक सुनहरे रंग का …

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तेनालीराम बना जटाधारी सन्यासी !!

विजयनगर राज्य के राजा कृष्णदेव राय के मन में एक दिन बड़ा से शिवालय बनाने की इच्छा जगी। इस सोच के साथ उन्होंने अपने खास मंत्रियों को बुलाया और उन्हें शिवालय के लिए एक अच्छी सी जगह ढूंढने को कहा। कुछ ही दिनों में एक अच्छी सी जगह को शिवालय के लिए सभी ने चुन लिया। राजा ने भी उस …

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तेनाली रामा की कहानियां: अपराधी बकरी !!

हर दिन की तरह ही राजा कृष्णदेव राय अपने दरबार में बैठे हुए थे। तभी वहां एक चरवाहा अपनी फरियाद लेकर पहुंच गया। चरवाहे को देख राजा कृष्णदेव ने उसके दरबार में आने की वजह पूछी। तब चरवाहा बोला, ‘महाराज मेरे साथ बड़ा गलत हुआ है। मेरे घर के करीब में रहने वाले आदमी के घर की दीवार ढह गई …

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तेनाली रामा की कहानियां: शिकारी झाड़ियां!!

महाराज कृष्णदेव हर साल ठंड के मौसम में नगर के बाहर डेरा डाला करते थे। इस दौरान महाराज और उनके कुछ दरबारी व सैनिक उनके साथ तंबू लगाकर रहते थे। राज्य के सभी कामकाज को छोड़कर उन दिनों गीत-संगीत की महफिलें सजती और कभी किस्से कहानियों के दौर चला करते थे। ऐसी ही एक सुहानी शाम में महाराज के मन …

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तेनाली रामा की कहानियां: उबासी की सजा!!

एक दिन तेनालीराम को रानी तिरुमाला ने संदेश भिजवाया कि वह बड़ी मुश्किल में हैं और उनसे मिलना चाहती हैं। रानी का संदेश पाकर तेनालीराम तुरंत रानी से मिलने पहुंच गए। तेनालीराम ने कहा, ”रानी जी! आपने इस सेवक को कैसे याद किया?” इस पर रानी तिरुमाला ने कहा, ”तेनालीराम! हम एक बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं।” तेनालीराम ने …

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