Breaking News

Tag Archives: motivational story

जिससे सीखा वही गुरु !!

भारतीय संस्कृति में गुरु को अत्यंत महत्त्व दिया गया है स्कंदपुराण में कहा गया है, अज्ञान तिमिरंधश्च ज्ञानांजनशलाकया। चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरुवे नमः। यानी जो गुरु अज्ञान के अंधकार में दृष्टिहीन बने अबोध शिष्य की आँखों को ज्ञान का अंजन लगाकर आलोकित करता है, उससे अधिक प्रणम्य कौन है। पिता और माता को शास्त्रों में नैसर्गिक गुरु बताया गया है। …

Read More »

शेर और भेड़िया !!

एक बार की बात है। एक भेड़िए ने एक भेड़ को मार डाला और वह उस मरी हुई भेड़ को अपनी माँद में लेकर जाने ही वाला था कि अचानक एक शेर आ गया। वह शेर उस पर झपट पड़ा और भेड़ को छीनने का प्रयास करने लगा। भेड़िया शेर को देखकर चिल्लाया, “तुम्हें शर्म आनी चाहिए । तुम जंगल …

Read More »

कर्म का फल भोगना पड़ता है एक सच्ची कहानी!!

एक दिन अचानक एक दुर्घटना का मामला हस्पताल में आया। डॉक्टर्स तुरंत ICU में आए। हादसे का कारन जाँच किया और स्टाफ को कहा कि इस व्यक्ति को किसी भी तरह की तकलीफ नहीं होना चाहिए। रुपियो की लेन-देन के लिए इसके परिवार से बात नहीं करनी। 15 दिन के हस्पताल में रहने के बाद का बिल डॉक्टर साहेब के …

Read More »

शेर और तीन गाय !!

एक बार की बात है, एक जंगल में तीन गाय रहती थी।तीनों गाय अलग अलग रंग की थी। एक काली, एक सफेद और एक भूरी। उन तीनो गाय में बहुत अच्छी मित्रता थी।  वह तीनों दिनभर एक साथ रहती, साथ ही घाँस चरति और रात में एक दूसरे के पास ही सोती थी। एक दिन,  भूरे रंग का एक शेर …

Read More »

सिंहासन बत्तीसी की 31वीं कहानी – कौशल्या पुतली की कथा!!

जब 30 बार असफल रहने के बाद एक बार फिर राजा भोज सिंहासन पर बैठने की कोशिश करते हैं, तो 31वीं पुतली कौशल्या वहां प्रकट होती है। वह राजा भोज से कहती है, “इस सिंहासन पर तुम तभी बैठ सकते हो, जब राजा विक्रमादित्य जैसे गुण तुम में हों।” इसके साथ ही 31वीं पुतली राजा भोज को राजा विक्रमादित्य की …

Read More »

रंग-बेरंगी सियार!!

शहर के बहार एक बड़ासा जंगल था, उस जंगल में एक सियार रहता था। सियार हमेशा चालाक और धूर्त होता है। वह दित-भर तो छिपा रहता था, पर जब रात होती तो शिकार के लिए बाहर निकलता और बड़ी ही चालाको से छोटे-छोटे जीवों को मारकर खा जाता था। एक बार रात में जब सियार शिकार के लिए बाहर निकला, …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : अंधेर!!

Vinarmta

मेरे स्वामी को एक साल की सजा मिली है। उनका अपराध सिर्फ इतना था कि तीन रोज पहले जेठ की तेज गर्मी में उन्होने कई राष्ट्र सेवकों की पानी व शर्बत के साथ खातिरदारी की थी। मैं उस दौरान कोर्ट में खड़ी थी। ऐसा लग रहा था मानो कमरे से बाहर खड़े शहर की सभी राजनीतिक चेतना किसी बंदी पशु …

Read More »

भूत की कहानी : भूतिया ढाबा |!!

एक दिन बच्चों ने पिकनिक जाने की बात कही। यह सुनते ही अंकिता की रूह कांप गई, क्योंकि उसे एक पुराना किस्सा याद आ गया। ये बात तब कि है जब अंकिता 10वीं क्लास में पढ़ रही थी। एक दिन टीचर ने पिकनिक का प्लान बनाया था। अपने सभी दोस्तों के साथ अंकिता ने भी जाने के लिए हां कर …

Read More »

सत्य की विजय!!

शहर के मुख्य चौराहे पर एक लड़का तरबूज और दूसरा ककड़ी की दुकान लगाकर बैठा था। उधर से गुजरने वाला एक व्यक्ति रुककर तरबूज की दुकान पर गया। एक तरबूज उठाकर वहां मौजूद लड़के से उसने पूछा, “यह तरबूज कैसा है?” लड़के ने उत्तर दिया, “यह तो अंदर से सड़ा है, श्रीमान। आप दूसरा ले लीजिए।” व्यक्ति ने कहा कि …

Read More »

किसकी भैस!!

पेवरा गांव के एक किसान ने अपने लिए एक भैस खरीद ने की सोची। वह एक दिन सुबह शहर चला गया। शहर का रास्ता बहुत ही लामा था, और घने जंगल से जाना पड़ता था। शहर में भैस खरीदने के बाद वह घर की ओर रवाना हुआ। सुनसान रास्ते में वह पैदल ही चला जा रहा था। बीच रास्ते में …

Read More »