श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात प्रान्त के द्वारकापुरी से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित है। यह स्थान गोमती द्वारका से बेट द्वारका जाते समय रास्ते में पड़ता है। इसके अतिरिक्त नागेश्वर नाम से दो अन्य शिवलिंगों की भी चर्चा ग्रन्थों में है। मतान्तर से इन लिंगों को भी कुछ लोग ‘नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (Nageshvara Jyotirling) कहते हैं। इनमें से एक …
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साधु और नर्तकी
एक दिन गाँव मेँ बाढ़ आ गयी और दोनोँ एक साथ ही मर गये। मरनेँ के बाद जब ये दोनोँ यमलोक पहूँचे तो इनके कर्मोँ और उनके पीछे छिपी भावनाओँ के आधार पर इन्हेँ स्वर्ग या नरक दिये जानेँ की बात कही गई। साधु खुद को स्वर्ग मिलनेँ को लेकर पुरा आश्वस्त था। वहीँ नर्तकी अपनेँ मन मेँ ऐसा कुछ भी विचार नहीँ कर …
Read More »सुनले तूँ मेरी पुकार
माता.. माता.. माता.. माता.. माता.. माता… सुनले तूँ मेरी पुकार हो… सुनले तूँ मेरी पुकार,माता मैं तो घिरा हूँ, घोर पाप में सुनले तूँ मेरी पुकार…।जाऊँ कहाँ मैं, कौन है मेरा माई ,तूँ ही बता दे । किसको सुनाऊँ, दुःख की कहानी माई अपना पता दे ॥ ढूँढूँ कहाँ मैं तेरा द्वार , माता मैं तो घिरा हूँ घोर पाप …
Read More »दो मित्र भक्त (Two friends devotee)
कुरुक्षेत्र में दो मित्र थे – एक ब्राह्मण और दूसरा क्षत्रिय । ब्राह्मण का नाम पुण्डरीक और क्षत्रिय का अंबरीष । दोनों में गाढ़ी मित्रता थी । खाना पीना, टहलना सोना एक ही साथ होता था । जवान उम्र में पैसे पास हो और कोई देख – रेख करने वाला न हो तो मनुष्य को बिगड़ते देर नहीं लगती । …
Read More »मैं तो कृष्ण हो गया !
भगवान ! मेरा उद्धार करो ! मेरी नौका पार लगाओ । मेरे पापों के बोझ से बस, यह डूबना ही चाहती है । बड़ी जीर्ण है यह, और फिर ऊपर से बोझ बेतौल है । विपरीत बयार बह रही है, चारों और घोर अंधकार छाया हुआ है, हाथों हाथ नहीं सूझता । खेने की कला भी नहीं मालूम । …
Read More »तू ही सागर है तू ही किनारा
ढून्डता है तू किसका सहारा ढून्डता है तू किसका सहारा कभी टन में कभी मान में उलझा तू सदा अपने दामन में उलझा सबसे जीटा तू अपने से हारा ढून्डता है तू किसका सहारा तू ही सागर है तू ही किनारा ढून्डता है तू किसका सहारा पाप क्या पुण्या क्या तू भुला दे कर्म कर फल की चिंता मिटा दे …
Read More »सुंदरा कन्ना कन्ना वंदिता रूपा
नंदा कुंआरा नवनीता छोरा; (2) पवन नामा कन्ना पाप विनाशा; (2) पाही पाही केशवा चौरे; (2) सुंदरा कन्ना कन्ना वंदिता रूपा नंदा कुंआरा नवनीता छोरा; (2) नीलमेघा श्यामला नीरज नयना नारायाणा रूप में नंदा कुंआरा; अचूतम केशवान रामा नारायनाँ; कृष्णा दामोधरण वासुदेवं भजे: (2) सुंदरा कन्ना कन्ना वंदिता रूपा; नंदा कुंआरा नवनीता छोरा; नारायण हरी गोविंदा, हरी नारायण गोविंदा; (2) …
Read More »जानेवाले एक संदेशा, श्याम प्रभु से कह देना,
जानेवाले एक संदेशा, श्याम प्रभु से कह देना, एक दीवाना याद मेी रोए, उसको दर्शन दे देना, जानेवाले एक संदेशा, श्याम प्रभु से कह देना, एक दीवाना याद मेी रोए, उसको दर्शन दे देना, जिसको बाबा श्याम बुलाए, किस्मत वेल होते है, जो बाबा से मिल नही पाते च्छूप च्छूप करके रोते है, जिसको बाबा श्याम बुलाए, किस्मत वेल होते …
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