कहा घनश्याम, उधौ से वृन्दावन जरा जाना,वहाँ की गोपियों को ज्ञान, का कुछ तत्व समझाना,विरह की वेदना में वे सदा बेचैन रहती हैं,तड़पकर आँह भर कर और, रो रोकर ये कहती हैं,प्रेम जगत में सार और कुछ सार नहीं है,कहा घनश्याम, उधौ से वृन्दावन जरा जाना,वहाँ की गोपियों को ज्ञान, का कुछ तत्व समझाना। कहा उधौ ने हँसकर, अभी जाता …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…