श्याम दरबार में चलके जो पेहली बार आता हैहर ख़ुशी मिलती जीवन में वो बारम बार आता हैहै निराला ये द्वारा मेरे श्याम काश्याम दरबार में चलके जो पेहली बार आता है मैं सुनाता हु इनकी कहानी सुनोदेते मुर्दों को ये जिंदगानी सुनोदानी सुनो वरदानी सुनोकरते भगतो पे ये मेहरबानी सुनोआये राजा और रंक याहा पर सभीकोई खाली न लोटा …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…