रोम रोम मे, राम राय राम सुमीर ले, ध्यान लगले छोड़ जगत के, काम राय बोलो राम, बोलो राम, बोलो राम राम राम (2) माया मैं तू, उलजा उलजा, धार धार भूल उड़ाए अब क्यू करता, मान भारी जब, माया साथ छुड़ाए,(2) दिन तो बिता, दौड़ धूप मैं, ढाल जाए ना शाम रे, बोलो राम, बोलो राम, बोलो राम राम …
Read More »Tag Archives: sumir
राम सुमिर राम सुमिर
राम सुमिर, राम सुमिर, यही तेरो काज है .. माया को संग त्याग, हरिजू की शरण लाग . जगत सुख मान मिथ्या, झूठो सब साज है .. १.. सपने जो धन पछान, काहे पर करत मान . बारू की भीत तैसे, बसुधा को राज है .. २.. नानक जन कहत बात, बिनसि जैहै तेरो दास . छिन छिन करि गयो …
Read More »
पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…