ना स्वर हैं, ना सरगम हैं, ना लय न तराना है। बजरंग के चरणो में एक फूल चढ़ाना है॥ तुम बाल समय में प्रभु, सूरज को निगल डाले, अभिमानी सुरपति के, सब दर्प मसल डाले, बजरंग हुए तब से, संसार ने जाना है। बजरंग के चरणो में एक फूल चढ़ाना है॥ जब राम नाम तुमने, पाया ना नगीने में, तुम …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…