यूँ रूठो न कन्हैया ,समझाये यशुदा मैया,
समझाये यशुदा मैया ,हाय ,यूँ रूठो न कन्हैया…..
मिश्री मलाई माखन दही दूध तुमको दूँगी,
तुमको लगी नज़र न सारी बलाए लूँगी,
आंखों में दूँगी काज़ल, माथे तिलक करूँगी,
केशों को में सजा के ,सिर में मुकुट धरूंगी,
हाय.. यूँ…………….
कानों में डालूँ कुंडल, गालों में तिल लगाऊँ,
पहना के पग में पायल तुमको सुघर बनाऊँ,
आकाश का ये चंदा, धरती पे में उतारूँ,
चंदा को तुम निहारो,और में तुम्हे निहारूँ,
हाय… यूँ…………
बंधन जनम मरण के,है नाथ खत्म करदो,
भक्तों को देखे दर्शन ,हमको सनाथ करदो,
राजेन्द्र गाये गुण जब,आना पड़ेगा तुमको,
मझधार से कन्हैया ,उस पार करना हमको,
हाय… यूँ……..
पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…