Monday , 18 September 2017
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दिल को दुनिया से न लगाएं

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जैसे जैसे मेरी उम्र में वृद्धि होती गई, मुझे समझ आती गई कि अगर मैं Rs.300 की घड़ी पहनू या Rs.30000 की
दोनों समय एक जैसा ही बताएंगी..

मेरे पास  Rs.300 का बैग हो या Rs.3000 का  इसके अंदर के सामान  मे कोई परिवर्तन नहीं होंगा।

मैं 100 गज के मकान में रहूं या 3000 गज के मकान में तन्हाई का एहसास  एक जैसा ही होगा।

आख़िर मे मुझे यह भी पता चला कि यदि मैं बिजनेस क्लास में यात्रा करू या इक्नामी क्लास मे अपनी  मंजिल पर उसी नियत समय पर ही पहुँचूँगा!

इस लिए अपने बच्चों को अमीर होने के लिए प्रोत्साहित मत करो बल्कि उन्हें यह सिखाओ कि वे खुश कैसे रह सकते हैं और जब बड़े हों, तो चीजों के महत्व को देखें उसकी कीमत को नहीं….

दिल को दुनिया से न लगाएं क्योंकि वह नश्वर है, बल्कि धर्म से लगाओ क्योंकि वही बाकी रहने वाली है …

फ्रांस के एक वाणिज्य मंत्री का कहना था

ब्रांडेड चीजें व्यापारिक दुनिया का सबसे बड़ा झूठ होती हैं जिनका असल उद्देश्य तो अमीरों से पैसा निकालना होता है लेकिन गरीब इससे बहुत ज्यादा प्रभावित होते हैं।

क्या यह आवश्यक है कि मैं Iphone लेकर चलूं फिरू ताकि लोग मुझे बुद्धिमान और समझदार मानें?

क्या यह आवश्यक है कि मैं रोजाना Mac या Kfc में खाऊँ ताकि लोग यह न समझें कि मैं कंजूस हूँ?

क्या यह आवश्यक है कि मैं प्रतिदिन दोस्तों के साथ उठक बैठक Downtown Cafe पर जाकर लगाया करूँ ताकि लोग यह समझें कि मैं एक रईस परिवार से हूँ?

क्या यह आवश्यक है कि मैं Gucci, Lacoste, Adidas या Nike के कपड़े पहनूं ताकि जेंटलमैन कहलाया जाऊँ?

क्या यह आवश्यक है कि मैं अपनी हर बात में दो चार अंग्रेजी शब्द शामिल करूँ ताकि सभ्य कहलाऊं?

क्या यह आवश्यक है कि मैं Adele या Rihanna को सुनूँ ताकि साबित कर सकूँ कि मैं विकसित हो चुका हूँ?

नहीं यार !

मेरे कपड़े तो आम दुकानों से खरीदे हुए होते हैं,
दोस्तों के साथ किसी ढाबे पर भी बैठ जाता हूँ,
भुख लगे तो किसी ठेले से ले कर खाने मे भी कोई अपमान नहीं समझता,
अपनी सीधी सादी भाषा मे बोलता हूँ। चाहूँ तो वह सब कर सकता हूँ जो ऊपर लिखा है
लेकिन
मैंने ऐसे लोग भी देखे हैं जो मेरी Adidas से खरीदी गई एक कमीज की कीमत में पूरे महीने भर का राशन ले सकते हैं।

मैंने ऐसे परिवार भी देखे हैं जो मेरे एक Mac बर्गर की कीमत में सारे घर का खाना बना सकते हैं।

बस मैंने यहाँ यह रहस्य पाया है कि पैसा ही सब कुछ नहीं है जो लोग किसी की बाहरी हालत से उसकी कीमत लगाते हैं वह तुरंत अपना इलाज करवाएं।
मानव मूल की असली कीमत उसकी नैतिकता, व्यवहार, मेलजोल का तरीका, सहानुभूति और भाईचारा है ना कि उसकी मौजूदा शक्ल और सूरत!

Translate Into Hindi to English

As my age grew, I realized that if I wear a watch for Rs.300 or Rs.30000
Both times will tell the same ..
.
I have a bag of Rs.300 or Rs.3000 will not change anything in it.

I live in a house of 100 yards or the feeling of terhai in the 3000 yards house will be the same.

In the end, I also learned that if I travel to Business Class or I will reach the same destination at the same time as my own in the Economical class!

So do not encourage your children to be rich, but teach them how they can live happily and when they are older, then see the importance of things, not the price.

Do not take heart from the world because it is mortal, but put it to religion because it is the rest of the rest …

A French minister had said
Branded things are the biggest lies in the trading world, whose real purpose is to extort money from the rich but poor people are much more affected.

Is it necessary that I should walk with the Iphone so that people consider me wise and sensible?

Is it necessary that I eat in Mac or Kfc everyday so people do not understand that I’m stingy?

Is it necessary that I go to the Downtown Cafe with a daily meeting with friends so that people understand that I am from a noble family?

Is it necessary that I wear Gucci, Lacoste, Adidas or Nike clothes so that Gentlemen should be called?

Is it necessary that I should include two four English words in my point so that I should call it decent?

Is it necessary that I hear Adele or Rihanna so that I can develop?

No man

My clothes are bought from ordinary shops,
I sit on a dhaba with friends,
If you are hungry, do not think of any disrespect in food,
I speak in my straightforward language. If you want to do everything that is written above
but
I have also seen people who can take a month-long ration for a shirt bought from my Adidas.

I have also seen families who can make all the meals in the price of a mac burger.

Just I have found this secret here that money is not everything, people who use it for someone’s outer condition, should get their treatment immediately.
The true value of human origin is its ethics, behavior, way of peace, sympathy and brotherhood, not its current appearance and appearance!

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