Monday , 13 February 2017
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एक मे अनेआक,एक मे अनेआक

ek-me-anekek-me-anek

ek-me-anekek-me-anek

kaliyug ka puneet prataap

हर जगह उसका नज़ार है
वोही तो एक सहारा है

फूल मे जैसे कुशुबू समाया है, वू सब मे है समाया
दिल की धधकां मे, वो गूँजता हार पल
वो नास नास मे समाया
भूल जाते है..2
वो कितना पास तो हमारे है
वोही तो एक सहारा है

साथ है अपने, वो सामने अपने..2
वो है तो, हम नही है
दुड़ना छोड़ो, दुनिया की मेले मे …2
वो है तो, हम नही है
ज़ाक को अंदर..2 की उसने आज भी पुकारा है
वोही तो एक सहारा है

यह एक पहेली है..2 गुरुमुख से जानी है
साब मे हूउ, साब मुज़मे है
बूँध सागर मे, सागर मे बूँध है..2
बूंधो मे सागर बना है..
सागर बूँध है, या सागर बूँध मे समाया है
वोही तो एक सहारा

[To English wish4me]

Har jagah usaka nazaar hai
Wohi tho ek sahara hai

Phool me jaise kushubu samaya hai, woo sab me hai samaya
Dil ki dhadhkan me, woh gunjatha haar pal
Woh naas naas me samaya
Bhul jathe hai..2
Woh kitana paas tho hamare hai
Wohi tho ek sahara hai

Saath hai apne, woh samane apane..2
Voh hai tho, ham nahi hai
Dudna chodo, duniya ki mele me …2
Voh hai tho, hum nahi hai
Jaak ko andar..2 ki usane aaj bhi pukara hai
Wohi tho ek sahara hai

Yeh ek paheli hai..2 gurumukh se jaani hai
Saab me huu, saab mujme hai
Bundh sagar me, sagar me bundh hai..2
Bundho me sagar bana hai..
Sagar bundh hai, ya sagar bundh me samaya hai
Wohi tho ek sahara

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