Monday , 19 February 2018
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बंदों के दिल में रहता है खुदा

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सूफी फकीर जुन्नैदा से किसी ने पूछा, ‘खुदा है तो दिखाई क्यों नहीं देता?’ जुन्नैदा ने कहा, ‘खुदा कोई वस्तु नहीं है। वह अनुभूति है।’ उसे देखने के लिए कोई उपाय नहीं है। हां, उसे अनुभव जरूर किया जा सकता है।

फकीर की ये बातें उस व्यक्ति को संतुष्ट नहीं कर सकीं। उसने फिर कहा, ‘ऐसा कैसे है? क्या ये संभव है।’ जुन्नैदा ने तभी अपने पास रखा पत्थर उठारक जोर से अपने पैर पर पटक दिया। जुन्नैदा के पैर से खून बहने लगा।

वह व्यक्ति घबरा गया और उसने कहा यह क्या किया आपने? इससे आपको दर्द होगा। जुन्नैदा ने कहा, दर्द दिखता नहीं महसूस होता है। ठीक इसी तरह खुदा है लेकिन वह दिखाई नहीं देता। वह हर व्यक्ति के दिल में मौजूद रहता है। खुदा को खोजना नहीं, बल्कि जानना जरूरी है।

Hindi to English

Someone asked Sufi fakir Junnada, ‘Why do not you see God?’ Junnaida said, ‘God does not have any object. That is the sensation. ‘ There is no way to see it. Yes, she can definitely be experienced.

These things of the fakir could not satisfy that person. He then said, ‘How is that? Is this possible? Junnaida then slammed the stone lifter with his hand thrusting on his feet. Jhunaida’s blood started bleeding.

The person got scared and he said what did you do? This will hurt you. Junnaida said pain does not seem to be seen. It is similar to God but it is not visible. He is present in every person’s heart. It is important to know not to search God but to know.

 

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