Monday , 19 February 2018
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कबाड़ी की नौकरी से लेखक बनने तक का सफर

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मैक्सिम गोर्की को बचपन से पढ़ना बहुत पसंद था, पर घर में पढ़ाई के लायक स्थितियां नहीं थीं। वह पढ़ना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने एक कबाड़ी के यहां नौकरी कर ली।

कबाड़ी की दुकान में रोज हजारों पुस्तकें आती थीं। पुस्तकों को देखते ही गोर्की का मन उन्हें पढ़ने के लिए लालयित हो उठता था। काम के बाद जब भी उन्हें समय मिलता, वे किताबें पढ़ते। जिस दिन वह कुछ पढ़ नहीं पाते, वह दिन उन्हें अधूरा-अधूरा लगता।

शुरू-शुरू में गोर्की को कई पुस्तकें समझ में ही नहीं आती थीं। फिर भी वे उन्हें पढ़ते और समझने की कोशिश करते। जल्दी ही उन्होंने दुनिया भर की हजारों किताबें पढ़ डालीं। कुछ समय के बाद गोर्की को महसूस हुआ कि उन्हें केवल पढ़ने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लिखने का भी प्रयास करना चाहिए।

एक दिन गोर्की ने खेल-खेल में एक कहानी लिखकर उसे समाचार-पत्र में छपने के लिए भेज दिया।

कुछ दिनों बाद वही कहानी न सिर्फ प्रकाशित हुई, बल्कि एक सुप्रसिद्ध लेखक ने उस कहानी के लिए बधाई पत्र भी भेजा। यह देखकर गोर्की का उत्साह बढ़ गया। अब उन्होंने अपना सारा ध्यान लेखन और अध्ययन पर लगा दिया। वह लगातार लिखने लगे। फिर उन्होंने ‘मां’ जैसी महान रचना लिखी।इसने दुनिया के प्रमुख लेखकों में उनकी जगह पक्की कर दी।

In English

Maxim Gorky loved reading from childhood, but there were no conditions worthy of studying at home. He wanted to read. For this, he got a job here from a hawk.

Thousands of books used to come in the Kabbadi store. Gorky’s mind got lazy to read them after reading books. Whenever they get time after work, they read books, they read books. On the day when he could not read anything, that day seemed incomplete.

Initially, Gorky did not understand many books. Yet they try to read and understand them. Soon, he read thousands of books around the world. After some time, Gorky realized that he should not be limited to reading only, but should also try to write.

One day, Gorky wrote a story in the game and sent it to appear in the newspaper.

A few days later the same story was not only published, but a well-known writer also sent congratulatory letters for that story. Gorky’s enthusiasm increased when he saw this. Now he has put all his attention on writing and studying. He started writing continuously Then he wrote a great composition like ‘Ma’. He convinced him in the world’s leading writers.

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