Monday , 19 February 2018
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राजा की समझ पर क्यों लौटी सेना

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एक दिन महात्मा जी भिक्षा मांगने जा रहे थे, सड़क पर एक सिक्का दिखा, जिसे उठाकर उन्होंने झोली में रख लिया। उमके साथ जा रहे दोनों शिष्य इससे हैरान हो गए। वे मन में सोच रहे थे कि काश सिक्का उन्हें मिलता, तो वे बाजार से मिठाई ले आते।
महात्मा जी जान गए। वह बोले यह साधारण सिक्का नहीं है, मैं इसे किसी योग्य व्यक्ति को दूंगा, पर कई दिन बीत जाने के बाद भी उन्होंने सिक्का किसी को नहीं दिया।
एक दिन महात्मा जी को खबर मिली कि सिंहगढ़ के महाराज अपनी विशाल सेना के साथ उधर से गुजर रहे हैं। महात्मा जी ने शिष्यों से कहा, सोनपुर छोड़ने की घड़ी आ गई।
शिष्यों के साथ महात्मा जी चल पड़े। तभी राजा की सवारी आ गई। मंत्री ने राजा को बताया कि ये महात्मा जा रहे हैं। बड़े ज्ञानी हैं। राजा ने हाथी से उतर कर महात्मा जी को प्रणाम किया और कहा, कृपया मुझे आशीर्वाद दें।
महात्मा जी ने झोले से सिक्का निकाला और राजा की हथेली पर उसे रखते हुए कहा, हे नरेश, तुम्हारा राज्य धन-धान्य से संपन्न है। फिर भी तुम्हारे लालच का अंत नहीं है। तुम और पाने की लालसा
में युद्ध करने जा रहे हो। मेरे विचार में तुम सबसे बड़े दरिद्र हो। इसलिए मैंने तुम्हें यह सिक्का दिया है। राजा इस बात का मतलब समझ गया। उन्होंने सेना को वापस चलने आदेश दिया।

In English

One day Mahatma ji was going to ask for a begging, showing a coin on the road, which he picked up in the jholi. The two disciples going with Umkaye were shocked by this. They were thinking that if they got the wish coin they would get sweets from the market.
Mahatma ji has gone He said that this is not a simple coin, I will give it to a worthy person, but after several days have passed, he did not give the coin to anyone.
One day Mahatma ji got the news that the Maharaja of Sinhagad was passing along with his huge army. Mahatma ji told the disciples, the clock to leave Sonpur came.
Mahatma ji walked with the disciples. Only then did the king ride. The minister told the king that these Mahatmas are going. There are big knowledgeable people. The King descended from the elephant and bowed down to Mahatma ji and said, please bless me.
Mahatma ji took the coin from the bag and kept it on the palm of the king, said, O king, your state is rich with wealth. Yet your greed is not the end. You crave more
Are going to fight in In my opinion, you are the biggest poor. That’s why I have given you this coin. The king understood the meaning of this. They ordered the army to move back.

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