Breaking News

प्रेम व करूणा ईश्वरीय गुण है!!

अहंकार, प्रेम का अभाव है, जो प्रेमपूर्ण है, प्रेममय है, वह कभी अहंकारी नहीं हो सकता। प्रेम, करूणा के अभाव के कारण भीतर का ख़ालीपन पैदा होता है, यानि जो चित्त प्रेम व करूणा से शून्य होगा, वो एक दम ख़ाली होगा।
और भीतर के ख़ालीपन को भरने के लिए कुछ न कुछ तो चाहिए ही, तो अहंकार उस ख़ालीपन को भरने का उपाय है।
हालाँकि, भीतर के ख़ालीपन को अहंकार कभी भर नहीं पाता। और भीतर के ख़ालीपन से बढ़कर इस जगत में और कोई दुख नहीं, इसलिए अहंकारी सदैव दुखी ही रहता है। उसे जीवन में आनन्द कभी भी उपलब्ध नहीं हो पाता।
और जो प्रेमपूर्ण है, वह भीतर से सदैव भरा रहता है, वह निरअहंकारी होता है, वह सदैव आनन्द से परिपूर्ण रहता है, उसका सम्पूर्ण जीवन आनन्दमय रहता है। प्रेम व करूणा ईश्वरीय गुण है।

Check Also

अरुणा ईरानी or मुमताज

इन दोनों ने बेहद छोटी उम्र में बॉलीवुड में कदम रखा और खूब नाम कमाया। …