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अलिफ लैला – काशगर के बादशाह के सामने दर्जी की कहानी!!

यहूदी हकीम की कहानी खत्म होने के बाद बादशाह से दर्जी ने अपनी कहानी सुनाने के लिए आज्ञा मांगी। काशगर के बादशाह ने उसे कहानी सुनाने की अनुमति देते हुए सिर हिलाया। बादशाह से इजाजत मिलते ही दर्जी ने कहा कि मुझे इस नगर में एक व्यापारी ने घर में खाना खाने का न्योता दिया था। मैं उसी वजह से …

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अलिफ लैला – कमरुज्जमां और बदौरा की कहानी!!

अगले दिन शहरजाद ने बादशाह शहरयार को कमरुज्जमां और बदौरा की कहानी सुनानी शुरू की। उसने बताया कि फारस देश के पास ही खलदान राज्य था, जिस पर शाहजमां नाम के बादशाह की हुकूमत थी। बादशाह के पास सबकुछ था, बस एक संतान न थी। इसी बात से बादशाह हमेशा दुखी रहता था। बादशाह के दुख को देखकर उसके राज्य …

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अलिफ लैला – नाई के चौथे भाई काने अलकूज की कहानी!!

अपने तीसरे भाई की कहानी सुनाने के बाद, नाई ने अपने चौथे भाई की कहानी सुनाई। नाई का चौथा भाई था, अलकूज जिसकी एक आंख नहीं थी। उसकी एक आंख न होने की कहानी भी बड़ी दिलचस्प थी। नाई ने बताया कि उसका भाई एक कसाई था। उसे भेड़-बकरियों को परखने की अच्छी जानकारी थी। इसके साथ वह भेड़ों को …

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अलीबाबा चालिस चोर की कहानी!!

सालों पहले फारस देश में अलीबाबा और कासिम नाम के दो भाई रहते थे। पिता की मृत्यु के बाद से दोनों भाई मिलकर अपने पिता का व्यापार संभालते थे। बड़ा भाई कासिम बहुत लालची था। उसने धोखे से पूरा व्यापार हथिया कर अलीबाबा को घर से निकाल दिया। इसके बाद अलीबाबा किसी बस्ती में जाकर अपनी पत्नी के साथ झोपड़ी …

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दो तोते-भाइयों की कथा!!

एक बार किसी ने दो तोते-भाइयों को पकड़ कर एक राजा को भेंट में दिया। तोतों के गुण और वर्ण से प्रसन्न हो राजा ने उन्हें सोने के पिंजरे में रखा, उनका यथोचित सत्कार करवाया और प्रतिदिन शहद और भुने मक्के का भोजन करवाता रहा। उन तोतों में बड़े का नाम राधा और छोटे का नाम पोट्ठपाद था। एक दिन …

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महाकपि की सूझ-बूझ!!

कभी एक राजा के बगीचे में अनेक बंन्दर रहते थे और बड़ी स्वच्छंदता से वहाँ कूद-फांद करते थे। एक दिन उस बगीचे के द्वार के नीचे राज-पुरोहित गुजर रहा था। उस द्वार के ऊपर एक शरारती बंदर बैठा था। जैसे ही राज-पुरोहित उसके नीचे आया उसने उसके गंजे सर पर विष्ठा कर दी। अचम्भित हो पुरोहित ने चारों तरफ देखा, …

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जातक कथा: महाकपि का बलिदान!!

हिमालय के जंगल में ऐसे कई पेड़-पौधे हैं, जो अपने आप में अनोखे हैं। ऐसे पेड़-पौधे और कही नहीं पाए जाते। इन पर लगने वाले फल और फूल सबसे अलग होते हैं। इन पर लगने वाले फल इतने मीठे और खुशबूदार होते हैं कि कोई भी इन्हें खाए बिना रह नहीं सकता। ऐसा ही एक पेड़ नदी किनारे था, जिस …

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सुनहरे पँखों वाले हँस की कहानी!!

वाराणसी में कभी एक कर्त्तव्यनिष्ठ व शीलवान् गृहस्थ रहा करता था । तीन बेटियों और एक पत्नी के साथ उसका एक छोटा-सा घर संसार था । किन्तु अल्प-आयु में ही उसका निधन हो गया । मरणोपरान्त उस गृहस्थ का पुनर्जन्म एक स्वर्ण हंस के रुप में हुआ । पूर्व जन्म के उपादान और संस्कार उसमें इतने प्रबल थे कि वह …

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जातक कथा: दो हंसों की कहानी!!

बहुत पुरानी बात है हिमालय में प्रसिद्ध मानस नाम की झील थी। वहां पर कई पशु-पक्षियों के साथ ही हंसों का एक झुंड भी रहता था। उनमें से दो हंस बहुत आकर्षक थे और दोनों ही देखने में एक जैसे थे, लेकिन उनमें से एक राजा था और दूसरा सेनापती। राजा का नाम था धृतराष्ट्र और सेनापती का नाम सुमुखा …

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जातक कथा: लक्खण मृग की कहानी !!

कई वर्षों पहले मगध जनपद नामक एक नगर हुआ करता था। उसी के पास एक घना जंगल था, जहां हजार हिरणों का एक समूह रहा करता था। हिरणों के राजा के दो पुत्र थे, जिनमें से एक का नाम लक्खण और दूसरे का काला था। जब राजा बहुत बुढ़ा हो गया, तो उसने अपने दोनों बेटों को उत्तराधिकारी घोषित कर …

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